Sunday, February 5, 2012

बांके की कई सालों बाद अपने पुराने मित्र रामलाल

बांके की कई सालों बाद अपने पुराने मित्र रामलाल से मुलाकात हुई।
रामलालः दांपत्य जीवन सुखी तो है?
बांकेः सुखी तो नहीं कह सकता, पर मनोरंजक अवश्य है।
रामलालः वह कैसे
बांकेः यार हम लडते है। और पडोसियों का मनोरंजन होता है।

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