Saturday, March 10, 2012

रात के समय चीकू और चंपू फलैट में

रात के समय चीकू और चंपू फलैट में बैठे गपशप कर रहे थे। चंपू को खयाल आया कि समय मालूम किया जाए। पर उसकी घडी बंद थी। चीकू के पास घडी नहीं थी। आखिर चंपू ने जोर-जोर से गाना शुरू कर दिया। तभी सामने की खिडकी खुली और एक आदमी बुलंद आवाज में चीखा- ये क्या बदतमीजी है।
रात के तीन बजे गाना गाया जा रहा है।

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